गगनदीप रत्न | इंडस्ट्रियल सिटी लुधियाना में बिजनेस के नाम पर फ्राॅड का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। किसी को कारोबार में उधार देने के नाम पर तो किसी को दोगुणा फायदा देने का बता। ठगी का ये बिजनेस है, जिसमें घाटे का सवाल ही नहीं। क्योंकि शिकायत करने के बाद भी सालों तक शिकायतें ईओ(इकनाॅमिक ऑफेंस) विंग के ऑफिस में अधिकारियों के टेबल पर ही घूम रहीं है।
जिनमें लंबे इंतजार के बाद ही कार्रवाई हो पा रही है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि पुलिस के रिकाॅर्ड में 623 मामले पेंडेंसी में पड़े है। कोई दो साल पुरानी है तो कोई एक साल। जिसका हल करवाने के लिए लोग इधर से उधर चक्कर लगाने को मजबूर हैं। शिकायतों की संख्या हजारों में थी, लेकिन पिछले दिनों सीपी द्वारा शुरू की गई नो युअर स्कीम सिस्टम में शिकायतें हल करवाने को मदद मिली, लेकिन वो ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है, क्योंकि पेंडेंसी बढ़ती जा रही है और हल हो नहीं पा रहा।
ऐसे मामले आए}कंपनी में डायरेक्टर बनाने, उधार माल खरीदकर पैसे न लौटाने जैसे मामले आ रहे
^गुरशरण सिंह जोकि होजरी कारोबारी है। उन्होंने एक मिल के साथ कारोबार शुरू किया, जिन्होंने उन्हें 13 लाख की चपत लगा दी। इसकी शिकायत 6 महीने पहले दी थी। लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
^अमरजीत सिंह ने बताया कि उनकी होलसेल करियाना की शाॅप थी। उन्हे एक शख्स मिला, जिसने उन्हें कहा कि वो एक नया प्रोजेक्ट पंजाब में लेकर आ रहे हैं। अगर वो उसमें इंवेस्ट करें तो उनके पैसे दोगुणा होंगे। उन्होंने 20 लाख रुपए इंवेस्ट कर दिए। कई बार पूछने के बाद भी न कोई प्राॅफिट मिला और न दिए हुए पैसे। आठ महीने पहले शिकायत आर्थिक अपराध शाखा में दी थी। लेकिन आज तक उसका कोई हल नहीं हुआ, सिर्फ चक्कर लगवाए जा रहें हैं।
ज्यादातर केसों में बिजनेस में पैसे लगा दुगने करने का झांसा
{ज्यादातर मामलों में बिजनेस में पैसे लगवाकर डबल करवाने के नाम पर दोस्तों व रिश्तेदारों से ठगी की जाती है।
{ फैक्टरियों से दो-तीन बार माल कैश मंगवाकर उसके बाद उधार पैसे वापिस न लौटाने का।
{ कंपनी में हिस्सेदार बनाने के नाम पर फर्जी एग्रीमेंट तैयार करवाकर ठगी मारना।
{विदेशी कंपनी में पैसे इंवेस्ट करवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा।
दिसंबर में पेंडेंसी जीरो करने के दिए हैं आदेश
ईओ विंग की काफी पेंडेंसी को हम लाॅकडाउन के दौरान ही निकाल चुके हैं। लेकिन अभी भी पेंडेंसी है। इस संबंध में एडीसीपी को सख्त हिदायत दी गई हैं कि वो दिसंबर में ही जीरो पेंडेंसी करें। बाकी जो लोगों की शिकायतें आ रही हैं, उनके हल के लिए अधिकारियों को मार्क किया जा रहा है। -राकेश अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर
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