जिले में 4800 से अधिक एचआईवी रजिस्टर्ड मामले, अनसेफ सेक्स, एक ही सिरिंज का कई बार इस्तेमाल करने से बढ़ रहे केस
जिले के एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट सेंटर में 4800 से अधिक एचआईवी संक्रमित ट्रीटमेंट ले रहे हैं। एड्स के संक्रमण होने का मुख्य कारण अब भी अनसेफ सेक्स है। हालांकि सेहत विभाग ने एचआईवी के प्रति लोगों को जागरूक करने और एड्स के मरीजों की संख्या कम करने के लिए जालंधर में एआरटीसी सेंटर के बाद पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस अस्पताल और कपूरथला व और नवांशहर के सिविल अस्पताल में एआरटीसी सेंटर खोले है। इन सेंटरों को खोलने का उद्देश्य लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करना और जल्द इलाज मुहैया करवाना है।
इन तीनों सेंटरों के नोडल अफसर डॉ. सर्वजीत सिंह ने बताया कि इन सब-स्टेशनों के खुलने के बाद जिले के सिविल अस्पताल में एचआईवी के इलाज और स्क्रीनिंग के लिए मरीजों को ज्यादा समय मिलेगा। इसके अलावा एड्स के कोमोर्बिडिटी मरीजों का इलाज भी शुरू किया गया है। अब एआरटीसी सेंटरों में एचसीवी-सी मरीजों का ट्रीटमेंट मिल रहा है और एचसीवी-बी के मरीजों की वेक्सीनेशन की जा रही है।
इन 2 कारणों से मरीजों की संख्या बढ़ रही
2500 लोग अनसेफ सेक्स के कारण हुए पॉजिटिव...अनसेफ सेक्स और हीट्रो सेक्स के कारण जिले में 2500 से अधिक लोग एचआईवी संक्रमित हुए है। सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इन मरीजों की संख्य वर्तमान समय में बढ़ रही है। हालांकि लोगों को अनसेफ सेक्स के नुकसान के बारे में बताया जा रहा है। इसके बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे है। इस कैटेगरी में 25 से लेकर 45 साल तक के युवकों की संख्या ज्यादा है। जबकि महिला की संख्या बेहद कम है। वहीं एचआईवी ब्लड से 210 लोगों पॉजिटिव हुए हैं।
ड्रग्स लेते वक्त एक सिरिंज का इस्तेमाल कर रहे कई...एआरटीसी सेंटर के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में 1200 से अधिक लोग इंजेक्शन से ड्रग्स लेने के बाद एचआईवी के संक्रमित हुए है। ड्रग्स लेते वक्त एक ही सिरिंज का कई लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद अन्य भी उसकी चपेट में आ जाते हैं। वर्तमान में एक नई समस्या पैदा हो रही है, वो ये है कि नए एचआईवी संक्रमित मरीजों में 10 से 20 फीसदी वो मरीज है जो सरकार द्वारा खोले ओएसटी सेंटरों में नशे की कंट्रोल डोज खाने के लिए आते है।
कोरोना का खतरा एचआईवी मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है...आरटीसी सेंटर के नोडल अफसर डॉ. सर्वजीत सिंह का कहना है कि कोरोनावायरस का खतरा एचआईवी मरीजों को भी उतना ही है, जितना अन्य हार्ट और किडनी वाले मरीजों को है। क्योंकि एचआईवी मरीजों की एड्स के कारण पहले से इम्युनिटी वीक होती है जबकि इन्हें संक्रमण की पुष्टि होने के बाद इंफेक्शन ज्यादा होने का खतरा बन सकता है। डॉक्टर का कहना है कि एचआईवी संक्रमित मरीज अपनी दवा समय पर लेते रहे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36sQTl7
via
No comments: