भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) लगातार घाटे में जा रहा है। इसी वजह से जनवरी में देशभर में इंप्लाइज की कटौती की गई। इसमें लुधियाना में 50 फीसदी कटौती हुई। साथ ही खर्चे बचाने के लबीएसएनएल ने एप के जरिए काम शुरू किया। पक्के इंप्लाइज की भर्ती की बजाय आउटसोर्सिंग पर मुलाजिम रखे गए। मार्च में लॉकडाउन के बाद बीएसएनएल को भारी घाटा हुआ।
इसके चलते जिले के 29 बीएसएनएल सर्विस सेंटरों में भारत नगर चौक और रिशी नगर दफ्तर को छोड़ सभी को आउटसोर्सिंग के सहारे चलाना शुरू किया। इस समय 27 सर्विस सेंटरों पर बिल भुगतान किया जा रहा है, जहां पर आउटसोर्सिंग पर रखे डायरेक्ट सेलिंग एजेंट को बैठाया गया है। वो कैश काउंटर पर कंप्यूटर से नहीं, बल्कि मोबाइल एप के जरिए बिल का भुगतान कर रहे हैं। बीएसएनएल के करीब 36 हजार लैंडलाइन उपभोक्ता हैं।
जीएम चरणदास ने बताया कि मॉडर्न तकनीक के मुताबिक काम किया जा रहा है। मोबाइल के जरिए कहीं से भी बिल का भुगतान किया जा सकता है, जोकि मुलाजिमों के लिए भी बड़ी सुविधा है। सर्विस सेंटरों में जो कंप्यूटर बंद पड़े हैं, वह पुराने है। इन्हें यूटिलाइज किया जाएगा।
मोबाइल डाटा धीमा होते ही बिल भुगतान में आती है दिक्कत
मोबाइल के जरिए बिल भुगतान करते समय कैश काउंटर पर बैठे मुलाजिम के फोन का डाटा 2 घंटे बाद ही धीमा हो जाता है। इससे बिल का भुगतान समय पर मुश्किल हो जाता है। इसलिए मुलाजिम कॉपी पर नंबर लिखकर कस्टमर को भेज देते हैं और घर पर जाकर या किसी अन्य के फोन के सहारे इंटरनेट चला बिल भुगतान करते हैं।
फ्री वाई-फाई भी ठप : हर सर्विस सेंटर पर बीएसएनएल के मुफ्त वाई-फाई लगे हैं। मगर कई माह से वह काम नहीं कर रहे, क्योंकि वाई-पाई का बिल नहीं भरा गया है। जहां वाई-फाई काम नहीं कर रहे हैं। यह किसी एक सेंटर का नहीं, बल्कि तकरीबन कई सेंटरों में ऐसा ही हाल है। बता दें कि यह पब्लिक सुविधा के लिए लगाए थे। वहीं, बिल भुगतान करना हो या सिम लेना हो। दोनों में आउटसोर्स पर मुलाजिमों को रखा गया है। पूरे सर्विस सेंटर में सिर्फ सिम लेने वाले डेस्क पर ही कंप्यूटर चलता है। बाकी अन्य कंप्यूटर बंद पड़े हैं। इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
दो महीने से नहीं मिली तनख्वाह : बीएसएनएल में आउटसोर्स पर रखे मुलाजिमों को पिछले दो महीने से सैलरी नहीं मिली। इसके चलते उन्हें घर का गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है। 29 सर्विस सेंटरों में से 14-15 सर्विस सेंटर आउटसोर्स के सहारे ही चलाए जा रहे हैं।
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