डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन पंजाब और मिड-डे मील वर्कस यूनियन ने मिड-डे मील कुक वर्करों को सरकार की तरफ से मई, जून और जुलाई तीन माह का मेहनताना अभी तक न देने का कड़ा संज्ञान लिया है। डीएमएफ पंजाब के नेताओं ने डीईओ (ए) को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान संगठन के नेताओं हरजिंदर सिंह, उपकार सिंह, अमरजीत शास्त्री, अमरजीत सिंह मनी, गुरदयाल चंद, सुखजिंदर सिंह, अनेक चंद पाहड़ा और मिड-डे मील वर्कर यूनियन की नेताओं गुरप्रीत कौर कुहाली, अमरजीत कौर और राज रानी ने बताया कि मिड-डे मील वर्कर स्कूलों में बच्चों के लिए खाना बनाने का 1700 रुपए प्रति माह मेहनताना प्राप्त करती हैं जबकि कोरोना वायरस के कारण स्कूल बंद होने से सरकार द्वारा अभी तक मई, जून और जुलाई का मेहनताना जारी नहीं किया गया, जिससे उनके घर का गुजारा मुश्किल हुआ पड़ा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने पिछले सेशन में मिड-डे मील वर्करों के संघर्ष के दबाव तहत बातचीत कर अप्रैल माह से उनका बनता मेहनताना बढ़ाकर तीन हजार रुपए प्रति माह देने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने अभी तक अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि उनका बनता मेहनताना यदि सरकार ने जल्द जारी ना किया और ना ही वेतन बढ़ोतरी का पत्र जारी किया तो वर्करों को मजबूर होकर सरकार के खिलाफ संघर्ष छेड़ना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
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