सांसद, एमएलए, मेयर और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन सहित सभी वीआईपी द्वारा पंजाब सरकार के नियमों के विपरीत गाड़ी और लोगों का गलत इस्तेमाल करने और सुरक्षाकर्मियों का रिव्यू करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने बुधवार को सुनवाई करते हुए केस में पार्टी बनाए गए मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजीपी ट्रैफिक व सिक्योरिटी सहित जालंधर के डीसी और सीपी को इस मामले में 14 दिनों में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा है।
आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह द्वारा दायर पीआईएल पर सुनवाई में यह आदेश दिया गया है। सिमरनजीत सिंह ने बताया कि वो खुद सुनवाई में पेश हुए थे। पीआईएल में मांग की गई थी कि सिटी के चारों एमएलए, सांसद और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दलजीत सिंह आहलुवालिया नियमों के विपरीत निजी गाड़ी को या सरकारी जिप्सी को मोडिफाई कर पायलट गाड़ी बना रखा है।
इस पर गैर कानूनी तरीके से लाइट और पंजाब पुलिस का लोगो लगा है। इतना ही नहीं निगम के काम के लिए रखे गए गनमैन का इस्तेमाल मेयर जगदीश राजा, सीनियर डिप्टी मेयर सुरिंदर कौर और डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह बंटी कर रहे हैं। इनकी सिक्योरिटी का रिव्यू किया जाए कि किस आधार पर इतने गनमैन रखा हुआ है। सांसद, एमएलए और चेयरमैन के बेटे से लेकर रिश्तेदार तक पायलट गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा है कि वो पीआईएल और कोर्ट के आर्डर की कॉपी केस में पार्टी बनाए गए अफसरों को रिप्रजेंटेंशन दें, उन्हें 14 दिनों में कार्रवाई करके बताना होगा।
कोरोना में धरना लगाने वालों पर भी कार्रवाई का आदेश
हाईकोर्ट में सिमरनजीत सिंह ने कोरोना महामारी के दौरान कांग्रेस, अकाली दल और एक निजी संगठन द्वारा धरना लगाने पर कोई कार्रवाई नहीं होने के मसले पर भी पीआईएल दायर किया था। इसमें धरने की फोटो भी कोर्ट में जमा कराया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि कोर्ट ने केस में पार्टी बनाए गए डीसी घनश्याम थोरी और सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को इस मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा है।
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