टोल प्लाजा पर फास्टैग से पैसे कटने के बाद अब 2.5 प्रतिशत कैश बैक नहीं मिलेगा। फास्टैग लगवाने के लिए पहले अलग-अलग कंपनियों ने वाहन चालकों को 10 प्रतिशत कैश बैक का प्रलोभन दिया। अब 2.5 प्रतिशत मिल रहा था, वे भी बंद कर दिया गया। फास्टैग देने वाली कंपनियों ने अपने डीलरों तक को नहीं बताया कि ग्राहकों को अब कैश बैक नहीं दिया जाएगा। लोग डीलरों से जाकर पूछ रहे हैं कि खाते में पैसे डलवाए और टोल भी कटा, लेकिन कैशबैक नहीं आया।
फास्टैग बेचने वाले डीलरों ने बताया कि वाहन चालक उनसे आकर पूछ रहे हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं कि कंपनी ने कैशबैक देना बंद कर दिया है। अलग-अलग कंपनियों ने हाईवे अथॉरिटी के साथ इसका इकरार किया था, लेकिन अब शायद कोरोना के कारण कंपनियों ने कैशबैक देना बंद कर दिया है। इस बारे में ग्राहकों को सूचना जरूर देनी चाहिए थी। जिस वाहन चालक ने कैशबैक का फायदा लेने के लिए 10 हजार रुपए डलवाए हैं।
वे अब परेशान हो रहा है और उसके साथ वो भी। क्योंकि लोगों को पहले ये बोलकर फास्टैग बेचे गए हैं कि 2.5 प्रतिशत कैशबैक दिया जाएगा। कंपनियों को इसबारे में नोटिस जारी करना चाहिए। फास्टैग पर कैशबैक देने वाली कंपनियों ने वाहन चालकों को कैशबैक देने के लिए 3 बार नियमों में बदलवा किया। जब शहर में फास्टैग वाहन चालक डीलरों से लगवा रहे थे तो कंपनियों ने डीलरों को कहा कि वे लोगों को कैशबैक की स्कीम के बारे में बताएं। इससे उनके अधिक से अधिक फास्टैग बिक सके।
10 प्रतिशत कैश बैक देना शुरू किया गया। इसके बाद 7 प्रतिशत और उसके बाद 2.5 प्रतिशत कैशदेने का दावा किया। अब लॉकडाउन के बाद कंपनियों ने कैशबैक देने को लेकर अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। अब किसी भी वाहन चालक को फास्टैग से पैसे कटने पर कैशबैक नहीं मिल रहा है। इसी बात को लेकर लोग डीलरों को परेशान कर रहे हैं।
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