पंजाब की आर्थिक स्थिति को बर्बाद करने वाले बिल पर बादल परिवार कुर्सी बचाने के लिए चुप है। यह बात प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने प्रेस वार्ता में कही। अकाली दल के सीनियर नेता रम्मी ढिल्लों के घर वह नई पार्टी बनाने के बाद पहली बार पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि खेती ऑर्डिनेंस के तहत अब केंद्र सरकार फसल का मिनिमम समर्थन मूल्य देने के वादे से पीछे हटने वाली है।
उन्होंने कहा कि बादल परिवार को इसका विरोध करना चाहिए था। लेकिन अगर बादल परिवार विरोध करता तो केंद्र में हरसिमरत कौर बादल की कुर्सी चली जाती। इसके चलते वह चुप हैं। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब के लोगों ने अपना संघर्ष तेज न किया तो सिर्फ 2 साल तक ही सरकार धान व गेहूं खरीदेगी, उसके बाद किसानों को व्यापारियों के हाथों में छोड़ दिया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनाें में अकाली दल बादल के कई बड़े चेहरे सुखदेव सिंह ढींडसा के अकाली दल में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो सिद्धांत अकाली दल के थे, वह आज भी उन्हीं सिद्धांतों के साथ खड़े हैं। इस मौके पर रम्मी ढिल्लों, रूबल गिल, रुपिंदर आहलूवालिया आदि हाजिर थे।
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