चंडीगढ़.पंजाब में आवारा पशुओं की वजह से हो रही घटनाओं में इजाफे के बाद सरकार ने ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय कर दी है। स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने विभाग को दिए अपने आदेश में कहा है कि अगर सूबे में किसी की आवारा पशुओं की वजह से जान गई तो उसके लिए अर्बन लोकल बाडी (यूएलबी) के स्थानीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
हादसे रोकने के लिए अब यूएलबी और जिला प्रशासन मिल कर काम करेगा। स्थानीय निकाय विभाग के प्रिंसिपल सेक्रटरी को नगर कमेटियों के कमिश्नरों और कार्यकारी अधिकारियों (ईओ) के साथ आपात बैठक करके आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए उनकी जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है।
आदेश के मुताबिक वह इस कार्य के लिए अन्य विभागों की भी मदद ले सकेंगे। यदि फिर भी राज्य के किसी भी हिस्से में अगर कोई दुर्घटना होने पर क्षेत्र से संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने इस संबंधी स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव से तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मां की गोद में बैठे डेढ़ साल के बच्चे को कुत्ते ने छीना
रेरु गांव के बचिंत नगर में शाम को घर के बाहर मां की गोद में खेल रहे डेढ़ साल के मासूम शोर्या पर पागल कुत्ते ने हमला कर उसके एक गाल और हौंठ को बुरी तरह से नोंच खाया। उसे 25 टांके लगे हैं। उसकी हालत गंभीर है। घटना के बाद पिता सुदेश चड्डा समेत सभी इलाका वासियों में निगम के खिलाफ रोष फैल गया। पिता सुदेश ने बताया कि शाम 5.30 बजे की है। कुत्ते ने मोहल्ले में खेल रहे बच्चों को भी काटने की कोशिश की। लोगो ने उसे डंडों और पानी डालकर भगाया। जिला भाजयुमो अध्यक्ष संजीव शर्मा मनी ने बताया कि 3 महीने पहले मेयर जगदीश राज को इलाके में कुतों के बच्चों और बर्जुगों को काटने की घटनाओं के बारे में बताया गया था लेकिन 3 महीने में भी किसी अधिकारी ने कोई एक्शन नहीं लिया।
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