दिल्ली सरकार द्वारा तीनों निगमों के 23000 करोड़ का बकाया फंड नहीं देने का मामला बुधवार को उपराज्यपाल के पास पहुच गया। तीनों निगमों के महापौर अनामिका, जयप्रकाश और निर्मल जैन विधानसभा में नेता विपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों के साथ दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की।
भाजपा विधायकों ने उपराज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता, ओपी शर्मा, मोहन सिंह बिष्ट, अनिल वाजपेयी, अभय वर्मा व जितेंद्र महाजन भाजपा विधायकों ने उपराज्यपाल से मांग किया कि वो निगमों के बकाया राशि जारी करने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश दें।
उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद नेता विपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने तीनों नगर निगमों के बकाया 23000 करोड़ रुपये का भुगतान करे। उन्होंने केजरीवाल सरकार को चेतावनी कि यदि नगर निगमों को उनके बकाए पैसे नहीं मिले तो उसके खिलाफ अगले भाजपा समूची दिल्ली में बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
तीनों महापौरों ने उपराज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें बताया कि दिल्ली के तीनों नगर निगमों का दिल्ली सरकार पर 13000 करोड़ रुपये का बकाया है जबकि हाउस टैक्स के मद में भी दिल्ली सरकार पर नगर निगमों का करीब 10,000 करोड़ रुपये का बकाया है।
भाजपा नेताओं ने उपराज्यपाल बैजल को यह भी जानकारी दी कि इस मामले में तीनों महापौर ने जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने का समय मांगा तो उन्होंने मिलने का समय नहीं दिया। जब इन्होंने जन सुनवाई के दौरान केजरीवाल से मिलने की कोशिश की तो इनको नहीं मिलने दिया गया। विवश होकर इन्हें मुख्यमंत्री निवास के बाहर जमीन पर बैठना पड़ा।
डोर स्टैप डिलिवरी के माध्यम से साउथ एमसीडी वसूलेगी संपत्तिकर
नई दिल्ली. नागरिकों को राहत देने के लिए साउथ एमसीडी संपत्ति कर जमा कराने के लिए डोर स्टैप डिलिवरी की सुविधा शुरू करने जा रहा है। यह प्रस्ताव बुधवार को स्थाई समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया।
प्रस्ताव के बारे में बताते हुए स्थायी समिति के अध्यक्ष राजदत्त गहलोत ने बताया कि कि निविदा के माध्यम से एक निजी कंपनी को नियुक्त किया जाएगा, जो निगम की तय शर्तों और नियमों के अनुसार घर-घर जाकर संपत्ति कर जमा कराने की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि संपत्ति करदाता द्वारा निगम के काॅल सेंटर में फोन करने के पश्चात एक टोकन करदाता को दिया जाएगा।
उस टोकन के माध्यम से ही मोबाइल सहायक, संपत्ति कर जमा करावाएंगे। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर जमा कराने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद नागरिकों से केवल न्यूनतम शुल्क के रूप में 100 रुपए या उससे कम ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निविदा में उसी कंपनी को चुना जाएगा, जो केवल अधिकतम 100 रुपए या उससे कम शुल्क रखेगी।
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