परिवारां नूं शौक हथियारां दा, एक लाइसेंस पर 3 हथियार की रोक के बाद 1.5 लाख लाइसेंसधारी परिवार में ट्रांसफर करवा रहे असलहा
पंजाब में एक लाइसेंस पर तीन हथियार नहीं रखने का आदेश जारी होने के बाद से लोगों ने इसके जुगाड़ तलाशने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में वर्तमान समय में करीब 4.5 लाख लाइसेंस हैं। इन पर करीब 12 लाख हथियार हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनके एक लाइसेंस पर तीन-तीन हथियार चढ़े हुए हैं। अब ऐसे लोगों को एक हथियार सरेंडर करने के आदेश जारी हो चुके हैं।
लेकिन पंजाब में असलहा रखने का क्रेज इतना ज्यादा है कि कोई भी अपना असलहा सरेंडर नहीं करना चाहता है। इसके लिए लोगों ने नया रास्ता निकाल लिया है। ऐसे लोगों ने अपनी पत्नी, बहू-बेटों के नाम नए लाइसेंस अप्लाई करने शुरू कर दिए हैं..ताकि हथियार उनके नाम ट्रांसफर किया जा सके। पिछले चार महीनों में ही प्रदेश भर में ऐसे 3700 से ज्यादा आवेदन विभिन्न जिलों में आ चुके हैं। जालंधर जिले में ही 15900 लाइसेंसधारी हैं। यहां जिले के 33 सेवा केंद्रों पर हथियार के लिए 493 आवेदन हुए, इसमें 107 आवेदन महिलाओं के नाम से हैं। 13 दिसंबर तक दो से अधिक असलहे रखने वालों को एक असलहा सरेंडर करना होगा।
राज्य में औसतन हर 18वें परिवार के पास एक लाइसेंसी हथियार है। संशोधित शस्त्र अधिनियम के अनुसार, एक लाइसेंसधारी तीन के बजाय केवल दो हथियार रख सकता है। यह लाइसेंस अभी तक 3 साल के लिए वैध होते थे, अब ये 5 साल तक के लिए वैध होंगे।
यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक, धार्मिक स्थान या विवाह आदि में गोलीबारी करता है तो उसे 5 साल की सजा और 1 लाख रुपए का जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है। वहीं हथियार रखने के आरोप में पुलिस या सेना के जवानों को अब 10 साल जेल की सजा हो सकती है।
कोरोना से पहले जो लोग हथियार के लिए आवेदन करते थे, उनमें प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी वाले भी होते हैं। प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों में काम करने वालों को अधिक सैलरी मिलती है, क्योंकि उनके पास हथियार होता है। एडीसी जनरल जसबीर सिंह का कहना है कि निर्धारित समय में जो लोग असलहे नहीं जमा करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
6 जिलों के उदाहरण से समझिए...
जालंधर
जिले के 33 सेवा केंद्रों पर बीते 3 महीनों में हथियार के लिए 493 आवेदन हुए। इसमें 107 आवेदन महिलाओं के नाम से हैं।
कपूरथला
हथियार रखने के शौकीनों द्वारा जिलें में से पिछले तीन महीनों में 51 लोगों ने हथियार लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया है। जुलाई में 14, अगस्त में 23 तथा सितंबर में 14 आवेदन आए। इनमें सभी पुरुष हैं।
राेपड़
2 नए और 78 रिन्यूवल के लिए अप्लीकेशन आए हैं।
फिरोजपुर
जिले में1 जुलाई से लेकर15 अक्तूबर तक 229 असलहा लाइसेंस अप्लाई किए गए। इनमें महिलाओं के आवेदन सिर्फ पांच हैं।
मुक्तसर
93 लाइसेंस अप्लाई हुए, इनमें पांच महिलाएं।
संगरूर
जिले में कुल 580 लाइसेंस अप्लाई किए गए। इनमें 126 नए, रिन्यू के लिए 302, अन्य 153 लाइसेंस अप्लाई किए गए।
गुरदासपुर में 56 लाइसेंस अप्लाई किए गए, जिनमें सभी पुरुष हैं।
सरकार के नए आदेश
पिछले दिनों केंद्र सरकार ने एक लाइसेंस पर दो हथियार ही लिए जाने का आदेश दिया था। इससे पहले तीन हथियार लोगों के पास रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से यह आदेश 23 जून को जारी किया गया था। उसके बाद से ही जिला प्रशासन और पुलिस के आर्म्स कार्यालयों में इस समय लाइसेंस बनवाने या फिर हथियार ट्रांसफर कराने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। इनमें ज्यादातर वही लाग हैं जो तीन हथियार रख रहे हैं।
परिवार का किस्सा
जसबीर सिंह ने बताया कि पहले उनके लाइसेंस पर तीन हथियार दर्ज थे। नियम में संशोधन कर एक लाइसेंस पर दो हथियार कर दिया। इसलिए मैंने पिछले दिनों एक अपनी पत्नी के नाम लाइसेंस बनवाया है अब एक पिस्टल उनके नाम ट्रांसफर करवा लूंगा। अब हथियारों की कीमत में दिन रात का अंतर आ गया है। जो पिस्टल पहले 2.5 लाख रुपए की थी, वह 6-7 लाख रुपए में मिल रही है वहीं जो हथियार पहले 6-7 लाख रुपए में मिल रहे थे वह 20-22 लाख तक पहुंच गए हैं।
ये हथियार घरों में हैं
- पॉइंट 32 बोर
- माउजर
- 9 एमएम
- 12 बोर
- रिवाॅल्वर
- राइफल
- पिस्टल
- 12 बोर पंप एक्शन
- 12 बोर ओवर अंडर
- पॉइंट 315 बोर राइफल
- 32 बोर रिवाॅल्वर
- पॉइंट 32 बोर पिस्टल
- पॉइंट 32 बोर चेकोस्लोवाकिया,
- वे बले रिवाॅल्वर आदि।
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