बुड्ढे नाले के किनारे कब्जे न हटाए तो कटेगा चालान, होगा पर्चा, निगम जोन डी में मीटिंग के दौरान बुड्ढे नाले की सफाई को लेकर सख्ती बरतने पर बनी सहमति
बुड्ढे नाले की सफाई के लिए सबसे पहले वहां कूड़ा गिराने से रोकना होगा। साथ ही नाले के किनारों से सफाई और फैंसिंग का काम किया जाएगा। किनारों पर हुए अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे। इसमें अवैध खोखे, मछली मार्केट शामिल हैं। कब्जा न छोड़ने वालों के चालान भी काटे जाएंगे। अगर वह फिर भी न माने तो पर्चे दर्ज किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किनारों पर फैंसिंग का काम पूरा किया जाएगा। यह फैसला बुड्ढे नाले की सफाई को लेकर निगम जोन डी में हुई मीटिंग में लिया गया। इस दौरान निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल और मेयर बलकार सिंह संधू ने नाले के साथ लगते वॉर्डों के पार्षदों, नामधारी संप्रदाय के प्रतिनिधियों, एनजीओ और अफसर के साथ 14 किमी. के दायरे में फैले बुड्ढे नाले की सफाई को लेकर पर चर्चा की।
जगह मुताबिक बनेंगे माइक्रो फॉरेस्ट, दिवाली से पहले 4 जगह बनवाई जाएगी ग्राफिटी
निगम कमिश्नर ने बताया कि बुड्ढे नाले के पास जगह के मुताबिक माइक्रो फॉरेस्ट बनाएं जाएंगे। इससे पहले भी एनजीओ और निगम के सहयोग से करीब 8-9 माइक्रो फॉरेस्ट बनाए जाएंगे। इसके अलावा किनारों पर एनजीओ की मदद से पौधे भी लगेंगे। वहीं, संभव फाउंडेशन के शोभन सोई ने बताया कि पहले भी उनकी संस्था ने ही शहर की ब्यूटीफिकेशन के लिए ग्राफिटी बनवाई थी। इस बार भी दिवाली से पहले शहर के चार मुख्य जगहों पर ग्राफिटी बनाई जाएगी। इसमें नोडल अफसर राहुल गगनेजा होंगे। उनके साथ राहुल वर्मा भी सहयोग करेंगे। उनका मेन मकसद लोकल इंडस्ट्री को प्रमोट करना है, ताकि वह आगे आकर ब्यूटीफिकेशन की जिम्मेदारी संभाले।
अब ग्राफिटी खराब करने वाले से वसूली जाएगी पूरी लागत
मीटिंग में सुझाव दिया कि दीवारों पर अक्सर लोग पोस्टर चस्पा कर सुंदरता को ग्रहण लगा रहे हैं। उन पर जुर्माने भी किए जाते हैं तो वह नाममात्र ही होते हैं। इसलिए ग्राफिटी को खराब करने वाले से ग्राफिटी की पूरी कीमत मोटे जुर्माने के तौर पर वसूली जाए, ताकि वह व्यक्ति दोबारा ऐसी गलती न करे और कॉस्ट का खर्च भी निकल जाएगा। वहीं, बुड्ढे नाले के किनारों पर लोगों की ओर से किए अवैध कब्जों की निगम ने काफी समय पहले रिपोर्ट तैयार करवाई थी, जिसमें करीब 650 कब्जे जस्टीफाई किए गए थे। दोबारा से नई लिस्ट तैयार करवाई गई है, जिसके मुताबिक कब्जे हटाने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।
सीईटीपी के लिए अलग पाइप लाइन: जोन-डी में मीटिंग के बाद मेयर ने फोकल पॉइंट स्थित इंडस्ट्रियल एरिया के सीईटीपी प्लांट का दौरा किया। राहुल वर्मा ने बताया कि फोकल पॉइंट इंडस्ट्रियल एरिया में करोड़ों की लागत से सीईटीपी प्लांट बनाया गया है। इसके लिए अलग से ही पाइप लाइन बिछाई गई है। सीईटीपी और एसटीपी प्लांट शुरू होने से काफी फायदा होगा। नीलों नहर से 200 क्यूसिक पानी रोजाना नहर से आएगा।
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