आपके पुराने रेडियो में रेड मर्करी है, 2.5 करोड़ रुपए में बिकेगा, ऐसा कह चेक करने के नाम पर ठगे 5.5 लाख
पुराने रेडियो में रेड मर्करी (लाल पारा) नामक पदार्थ होने और उसकी कीमत करोड़ों में बताकर कुछ लोगों ने नंगल के व्यक्ति से साढ़े पांच लाख रुपए ठग लिए। ठगी का घटनाक्रम दो दिन चला। जब पीड़ित को उसके साथ हुई ठगी का पता चला तो उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया और खुद भी आरोपियों की तलाश करने लगा। इस दौरान रोपड़ पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी करके घनौली में एक आरोपी अमित कुमार निवासी यूपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ धारा 406, 120बी के तहत केस दर्ज किया है।
आरोपी का एक साथी फरार बताया जा रहा है। सारा घटनाक्रम बीते शुक्रवार और शनिवार का है। पुलिस तब से पूरे मामले की जांच में लगी हुई थी। पीड़ित मुहेश कुमार के जान पहचान के व्यकित के पास 70 साल पुराना रोडियो था, जिसमें रेड मर्करी होने का ठगों ने लालच दिया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि यह ठग अन्य राज्यों में भी धोखे से लोगों को मूर्ख बनाकर लाखों रुपए ऐंठते हैं।
ठगों ने पुर्जा चेक करने से एक दिन पहले ढाबे पर बुलाकर 1 लाख लिए, फिर दूसरे दिन होटल में बाकी पैसों के साथ बुलाया
ठगी की कहानी पीड़ितों की जुबानी : रुपए मिलते ही बातों में उलझाकर भागे ठग
पुलिस को दी शिकायत में मुहेश कुमार के बेटे अनमोल ने बताया कि उसके पिता के हिमाचल के दोस्त अशोक के पास पुराना रोडियो था जिसमें उसने ट्यूबनुमा चीज में रेड मर्करी होने संबंधी बताया। मुहेश और उनके दोस्त जसविंदर ने इंटरनेट पर इस बारे पता किया तो अमित कुमार से फोन पर संपर्क हुआ।
अमित ने रोडियो के पुर्जे की फोटो मंगवाई और कहा कि चीज असली हुई तो उनकी कंपनी ढाई करोड़ रुपए में खरीदेगी। उनकी विजिट की फीस के साढे 5 लाख देने होंगे। डील नहीं हुई तो पैसे वापस कर देंगे। बीते शुक्रवार को अमित ने पिता मुहेश को फोन किया कि घनौली में ढाबे पर रुके हैं वहां आ जाएं। वहां अमित के कहने पर मुहेश ने एक लाख रुपए दे दिए और बाकी के पैसे व रेड मर्करी अगले दिन होटल में लाने को कह दिया। दूसरे दिन होटल में एक गाड़ी में अमित कुमार और दूसरी में अज्ञात व्यक्ति उनसे मिलने पहुंचे। जहां मुहेश और जसविंदर ने डील के मुताबिक बाकी साढे 4 लाख रुपए अमित को दे दिए।
इसके बाद अशोक कुमार अपने रेडियो में लगा ट्यूब जैसा लाल रंग का पुर्जा ले आया, जिसमें रेड मर्करी बताया जा रहा था। इसके बाद अमित और उसका साथी उसके पिता और बाकी लोगों को बातों में उलझाकर अपनी गाड़ियों में बैठकर फरार हो गए। अनमोल ने बताया कि इसके बाद उसके पिता अपनी कार में आरोपियों का पीछा करने लगे और उसे भी इस संबंधी जानकारी दी। इस पर वह भी आरोपियों का पीछा करने लगा। उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी पैसे लेकर घनौली की तरफ गए हैं। इसके बाद जब वह घनौली पहुंचा तो वहां नाके पर उसे पुलिस मिली जिसे उसने तुरंत ठगी के बारे में जानकारी दी।
रेड मर्करी को न्यूक्लीयर मटीरियल के लिए प्रयोग होने का दावा करते हैं ठग : एसएसपी
इस संबंधी एसएसपी रोपड़ डॉ. अखिल चौधरी ने बताया कि ठग रेड मर्करी को कोरोना से बचने व न्यूक्लीयर मटीरियल के लिए प्रयोग होने की बात कहते हैं और यह किसी पुराने ट्रांजिस्टर (रेडियो) में होने की बात कहते हैं।
कंपनी जिसके पास पुराना रेडियो होता है, उसके घर जाकर उसमें चेक करके मर्करी खरीदने का दावा करती है। अगर यह प्रोडक्ट सही होता है तो उसके एवज में मोटी रकम देने का लालच दिया जाता है जोकि करोड़ों में होती है। लेकिन कंपनी बेचने वाले के पास जाने के लिए फीस की बात की शर्त रखती है। यहीं से धोखा शुरू होता है। जब कंपनी चेक करने पहुंचती है तो रेड मर्करी को रिजेक्ट कर देती है और बेचने वाले से विजिटिंग फीस के रूप में लाखों रुपए ऐंठ लेती है। असल में रेड मर्करी नामक कोई केमिकल होता ही नहीं। यह सिर्फ धोखा है।
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