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ट्रेनें बंद, सिटी से 80 से ज्यादा बसें सिर्फ दिल्ली रूट पर दौड़ रहीं, पंजाब में कृषि कानून को लेकर किसानों और राजनीतिक पार्टियों के प्रदर्शन के कारण रेलगाड़ियां नहीं चल रहीं

पंजाब में किसानों और राजनीतिक पार्टियों द्वारा कृषि कानूून को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है, जिस कारण प्रदेश में मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों को बंद रखा गया है। इसके चलते एक राज्य से दूसरे राज्य के लिए जाने वाले यात्रियों के पास बसें और प्राइवेट व्हीकल की एकमात्र विकल्प है। शहर के इंटर स्टेट बस टर्मिनल से रोजाना 60 से ज्यादा सरकारी बसें सिर्फ दिल्ली रुट पर रवाना हो रही है।
इसमें सबसे ज्यादा पंजाब रोडवेज डिपो-1 द्वारा बसों के टाइम कवर किए जा रहे है। प्राइवेट बसें भी जालंधर-दिल्ली रुट पर चल रही है। कोविड के बावजूद इस रुट पर बस आप्रेटरों को अच्छी सवारियां मिल रही है।

अमृतसर, पठानकोट, बटाला, चंडीगढ़ और लुधियाना भी ऐसे रुट है, जहां पर रोजाना सैकड़ों सवारियों की अपडाउन हो रही है। वहीं रोडवेज का रुट रेट भी बढ़ रहा है जिससे पिछले कई महीनों से नुकसान उठा रहे पंजाब रोडवेज के डिपो अब खर्च पूरा कर रहे हैं। इसके अलावा पंजाब रोडवेज की तरफ से एयरपोर्ट के लिए 10 से ज्यादा बसों का टाइम है। लेकिन परमिशन न होने के चलते जालंधर-दिल्ली रुट पर पनबस ने वॉल्वो बसों की सर्विस को बंद रखा है। जबकि 1 नवंबर से पीआरटीसी ने वॉल्वो सर्विस को शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

दिल्ली बस स्टैंड अभी भी बंद...इंटर-स्टेट बस सर्विस शुरू हो चुकी है। हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान, चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों ने बाहरी राज्यों की बसों की एंट्री को परमिशन दे दी है। लेकिन अभी दिल्ली में सभी बस स्टैंड पूरी तरह से बंद है। पंजाब रोडवेज की बसें दिल्ली के कुंडली बार्डर तक यात्रियों को सर्विस दे रही है। जबकि प्राइवेट बसें दिल्ली के अंदर तक प्रवेश कर रही है।

किस डिपो की कितनी बसें चलीं...जालंधर बस स्टैंड से जालंधर डिपो-1 की 51, डिपो-2 की 30, अमृतसर-1 की 12, अमृतसर-2 की 11, पट्टी की 10, तरनतारन की 12, फिरोजपुर की 1, नंगल की 7, बटाला की 20, शहीद भगत सिंह नगर की 19, पठानकोट की 13, चंडीगढ़ की 8, रोपड़ की 5, लुधियाना की 3, होशियारपुर की 19, मोगा की 4, जगराओं की 2, श्री मुक्तसर साहिब डिपो की 3 बसों सहित पंजाब रोडवेज की कुल 230 बसें चली। इसमें 2063 यात्रियों ने सफर किया। रोडवेज को 326133 का रेवेन्यू मिला। पीआरटीसी की 31 और 351 बसें प्राइवेट चली।

इधर, किसान जत्थेबंदी ने कहा- मालगाड़ियों के संचालन पर रोक नहीं लगाई, सरकार चलाए

मालगाड़ियों के संचालन को लेकर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी जत्थेबंदी ने कहा कि ट्रैक खाली कर दिए गए हैं। इसे नहीं रोका जा रहा। सरकार खुद ही मालगाड़ियां नहीं चला रही हैं। वहीं फिरोजपुर मंडल के एडीआरएम सुखविंदर सिंह ने कहा कि फिलहाल रेलवे ने मालगाड़ियां चलाने पर आदेश जारी नहीं किया है। आदेश मिलते ही फिरोजपुर मंडल ट्रेनें चलाने को तैयार है। मालगाड़ियां न चलने से जरूरी सामान पंजाब में नहीं आ रही है और न बाहर जा रहा है।

केंद्र ने ट्रेनों को बंद कराया
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रधान स्वर्ण सिंह पंधेर ने कहा है कि किसानों ने मालगाड़ियों के संचालन पर कोई रोक नहीं लगाई। केंद्र सरकार ने ट्रेनों को बंद करवा दिया है। अगर किसी जगह पर किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं। जैसे अमृतसर और ब्यास तो वहां पर खुद उनकी जत्थेबंदी मालगाड़ियों को पास करवाएंगे। किसान किसी मालगाड़ी को नहीं रोकेंगे। केंद्र सरकार और पंजाब सरकार ट्रेनों का संचालन करवाए। किसानों को केवल बदनाम किया जा रहा है।



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Trains closed, more than 80 buses from the city were running only on the Delhi route, trains were not running due to the demonstration of farmers and political parties in Punjab about the agricultural law.


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ट्रेनें बंद, सिटी से 80 से ज्यादा बसें सिर्फ दिल्ली रूट पर दौड़ रहीं, पंजाब में कृषि कानून को लेकर किसानों और राजनीतिक पार्टियों के प्रदर्शन के कारण रेलगाड़ियां नहीं चल रहीं ट्रेनें बंद, सिटी से 80 से ज्यादा बसें सिर्फ दिल्ली रूट पर दौड़ रहीं, पंजाब में कृषि कानून को लेकर किसानों और राजनीतिक पार्टियों के प्रदर्शन के कारण रेलगाड़ियां नहीं चल रहीं Reviewed by Dibyendu on 17:09 Rating: 5

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