औलख गांव में 22 अक्टूबर को गैंगस्टरों की गोलियों से मारे गए रणजीत राणा के तार लूटपाट करने वाले एक गिरोह से जुड़ गए हैं। इस गिरोह के दो सदस्यों गौरव अम्मी उर्फ गोर (फाजिल्का) और आकाशदीप सिंह उर्फ मोनू (मुक्तसर) को मुक्तसर पुलिस ने गिरफ्तार किया। ये चोरी की उस बलेनो कार में सवार थे, जिसे इन्होंने राणा के साथ मिलकर 15-20 दिन पहले संगरूर से पिस्तौल के बल पर लूटी थी। इस 6 सदस्यीय के 3 सदस्य फरार हैं। एसएसपी डी. सूडरविली के अनुसार, त्योहारों के चलते एसपी (इंवेस्टिगेशन) राजपाल सिंह हुंदल व डीएसपी (इंवेस्टिगेशन) जसमीत सिंह के नेतृत्व में सीआईए इंचार्ज सुखजीत सिंह ने समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। वीरवार की सायं करीब 6 बजे उनकी टीम के एएसआई जोगिन्द्रपाल सिंह अपने सहकर्मियों के साथ गश्त के दौरान कोटकपूरा रोड पर उदेकरन गांव के मोड के नजदीक थे। उन्हें मुक्तसर की ओर से एक नीले रंग की बलेनो कार आती दिखाई दी। इसके ड्राइवर को कार रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने कार भगाने की कोशिश की। पुलिस ने संदेह के आधार पर कार रुकवाकर उसकी तलाशी ली। ड्राइवर ने अपनी पहचान गौरव अम्मी उर्फ गोर (फाजिल्का) और साथ वाली सीट पर बैठे युवक ने आकाशदीप सिंह उर्फ मोनू (मुक्तसर) के रूप में दी। मांगने पर ये कार के कागजात नहीं दिखा सके। शक होने पर तलाशी में गौरव से एक पिस्तौल देसी .315 बोर व इसके 2 रौंद जिंदा बरामद हुए। पुलिस ने दोनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड लिया
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने माना कि उन्होंने करीब 15-20 दिन पहले रणजीत सिंह उर्फ राणा के साथ मिलकर संगरूर से हथियारों के बल पर बलेनो कार व 2 लाख रुपए लूटे थे। इनसे बलेनो कार, जिस पर मुक्तसर का फर्जी नंबर (पीबी30आर3132) लगा था, एक .32 बोर पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस, पिस्तौल .315 बोर व इसके 2 जिंदा कारतूस के अतिरिक्त उस स्विफ्ट डिजायर कार (पीबी13बीबी5589) को भी बरामद कर लिया, जिसका इस्तेमाल संगरूर लूट वाली वारदात में किया गया था। पुलिस ने अदालत के माध्यम से दोनों लोगों को 2 दिन के रिमांड पर ले लिया है। ये अन्य वारदातों में इनकी कथित संलिप्तता के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर रणजीत राणा की कर दी थी हत्या हमलावरों का सुराग नहीं
22 अक्टूबर को मलोट के गांव औलख में हुई गैंगवार में तीन कार सवारों ने कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए 15 गोलियां मारकर रणजीत सिंह राणा का कत्ल कर दिया था। राणा अपनी गर्भवती पत्नी को डॉक्टर के पास दिखाने के लिए आया था। इस कत्ल की जिम्मेवारी लारेंस बिश्नोई ग्रुप ने सोशल मीडिया पर ली थी। हमलावरों ने कहा था कि राणा को मारकर उन्होंने अपने साथी गुरलाल बराड़ के कत्ल का बदला ले लिया हैं। फिलहाल पुलिस अभी हत्या का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस के अनुसार राणा पर मुक्तसर, मलोट व अन्य कई थानों में नशे व शराब तस्करी के दर्जन भर मामले दर्ज हैं। पुलिस के हाथ अभी राणा के हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा है। बता दें कि मुक्तसर में इससे पहले भी लॉरेंस ग्रुप के गैंगस्टरों ने मनदीप मन्ना को गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था।
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