नगर निगम के वाॅर्ड नंबर-90 के अधीन आते दोमोरिया पुल के नीचे बरसात के दिनों में जमा होने वाले पानी की 30 साल पुरानी समस्या का हल आने वाले बरसात सीजन से पहले परमानेंट निकाल लिया है। दोमोरिया पुल के पास निकलते नाले की सफाई के लिए पहले करीब 1 कराेड़ का एस्टीमेट बनाया गया था, लेकिन मेयर बलकार सिंह संधू और इलाका पार्षद डाक्टर जय प्रकाश ने पुराने सिस्टम के अनुसार ही मात्र 11 लाख
खर्च कर ही नाले की सफाई करवा दी। इससे पांच इलाकों के करीब एक लाख आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, दूसरी तरफ घंटाघर के पास जमा होने वाले बरसाती पानी का भी निगम ने परमानेंट हल निकाला है। यहां पर 35.45 लाख में स्ट्रॉम सीवरेज डाला जाएगा, जिसके बनने से यहां पर बरसात के दिनों में जमा होते पानी की समस्या खत्म होगी।
13 फीट के नाले में बिना गार निकाले डाल दी थी 30 इंच की पाइप
इलाका पार्षद डाॅ. जयप्रकाश ने बताया कि बुड्ढा दरिया से उनके वाॅर्ड के इलाके काफी नीचे हैं। 2007 में विधायक हरीश बेदी ने इस 13 फीट चौड़े नाले में करीब 60 लाख में 32 इंच के पाइप डाल दिए थे। लेकिन सही इंजीनियरिंग न होने के चलते समस्या का हल तो क्या होना था, उलटा न्यू कुंदनपुरी, उपकार नगर, न्यू उपकार नगर, गुरुनानकपुरा, शाही मोहल्ला में पानी की समस्या काफी ज्यादा बढ़ गई। वे अफसरों के पास कई बार गए, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जब उनकी सरकार आई तो तत्कालीन लोकल बाॅडीज मंत्री नवजोत सिद्धू से मिले, जिन्होंने लापरवाह अफसरों पर एक्शन लेने के लिए कहा। इस पर अफसरों ने यहां पर पानी की समस्या का हल निकालने के लिए दोबारा एस्टीमेट बनाया और दो महीनो में पानी के जमा होने वाली समस्या खत्म कर दी। इस पर सिर्फ 11 लाख की लागत आई है। जबकि दोबारा एस्टीमेट इसे ठीक करने के लिए करोड़ तक के बना दिए गए थे।
बरसात के दिनों में पैदल भी निकल सकेंगे लोग
मेयर बलकार सिंह संधू ने बताया कि दोमोरिया पुल की समस्या वाॅर्ड-90 के लोगों के साथ-साथ पूरे शहरवासियों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी थी। इस रास्ते का सभी शहरवासी इस्तेमाल करते हैं, बरसात के दिनों में जमा होने वाले पानी के चलते ये रास्ता बंद हो जाता था। इसके हल के लिए उन्होंने ओएंडएम ब्रांच के अधिकारियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई। परमानेंट एसडीओ अंशुल गरचा की दो महीने तक लगातार ड्यूटी रही और लगभग 2200 ट्रालियां मलबे की इस नाले से निकलवाई गई। जबकि पहले की सरकार के समय डाला गया 32 इंच का पाइप भी निकलवाया गया, जिसके चलते ये समस्या ज्यादा गंभीर बन चुकी थी। कुछ जगहों पर दीवार टूटी थी, उसे ठीक करवाया गया है। अब बरसात के दिनों में लोग पैदल भी निकल सकेंगे।
इधर, घंटाघर से सिटी हार्ट रोड तक डलेगा स्टॉर्म सीवरेज
दसअसल घंटाघर के पास एलिवेडेट पुल के बनने से पहले बरसात के दिनों में पानी के जमा होने की समस्या नहीं थी। लेकिन जब एलिवेडेट पुल का निर्माण किया गया तो यहां पर पिल्लर बनाते समय बरसाती नाला डैमेज हो गया था। इसके बाद से ही यहां पर बरसात के दिनों में काफी पानी भर जाता है। इसके हल के लिए अब दोबारा से स्टॉर्म सीवरेज सिर्फ बरसाती पानी के लिए अलग से बनाया जा रहा है। इस काम का वर्क आॅर्डर भी जारी हो चुका है। ये स्टॉर्म सीवरेज घंटाघर से लेकर सिटी हार्ट रोड तक डाला जाएगा। इसके बनने के बाद घंटाघर में बरसाती पानी के जमा होने की समस्या खत्म होगी। इस पर लगभग 35.45 लाख का खर्च आएगा। जबकि इस कार्य को पार्षद राकेश पराशर की तरफ से करवाया जा रहा है।
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